Jai Gauri Shanker Baba

 

शुभ कार्य और यात्रा के लिए कोई मुहूर्त न बनने पर उत्तम चौघड़िया देखकर कार्य करना चाहिए |

 

दिन का चौघड़ियाँ

 

दिन

समय

रवि

सोम

मंगल

बुध

गुरू

शुक्र

शनि

दिन – रात

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

चर

काल

6 से 7 || तक

चर

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

7 || से 9 तक

लाभ

शुभ

चर

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

9 से 10 || तक

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

चर

काल

उद्वेग

10 || से 12 तक

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

चर

12 से 1 || तक

शुभ

चर

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

1 || से 3 तक

रोग

लाभ

शुभ

चर

काल

उद्वेग

अमृत

3 से 4 || तक

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

चर

काल

4 || से 6 तक

 

रात्रि का चौघड़ियाँ

 

दिन

समय

रवि

सोम

मंगल

बुध

गुरू

शुक्र

शनि

दिन – रात

शुभ

चर

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

6 से 7 || तक

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

चर

काल

उद्वेग

7 || से 9 तक

चर

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

लाभ

शुभ

9 से 10 || तक

रोग

लाभ

शुभ

चर

काल

उद्वेग

अमृत

10 || से 12 तक

काल

उद्वेग

अमृत

रोग

उद्वेग

शुभ

चर

12 से 1 || तक

लाभ

शुभ

चर

काल

शुभ

अमृत

रोग

1 || से 3 तक

उद्वेग

अमृत

रोग

उद्वेग

शुभ

चर

काल

3 से 4 || तक

शुभ

चर

काल

शुभ

अमृत

रोग

लाभ

4 || से 6 तक

 

उत्तम चौघड़ियाँ – अमृत, शुभ, लाभ तथा चर हैं |

खराब चौघड़ियाँ – उद्वेग, रोग तथा काल है |